अरेबियन राजनीति के समीकरण बदले-बदले से लग रहे हैं. मध्य पूर्व में वह देखने को मिल रहा है जिसकी कभी किसी ने आशा भी नहीं की थी. एक समय एक दूसरे के धुर प्रतिद्विंदी माने जाने वाले सऊदी अरब और इजराइल एक दूसरे के करीब आते दिख रहे हैं.

Saudi America Israel wants thrashed iran
Jared Kushner with Saudi Crwon Prince Mohammed Bin Salman | Reuters

अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति विशेषज्ञों के अनुसार, इस नई दोस्ती की पटकथा पर्दे के पीछे से लिखी जा रही है. जिसके नायक अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम में शामिल उनके कुशल सदस्यों को जाता है. ट्रंप के यहूदी दामाद और इवांका ट्रंप के पति जैरेड कुशनर एक नई भूमिका में हैं.

कुशनर ट्रंप के मुख्य सलाहकारों में से एक हैं. ना ही मात्र डोनाल्ड ट्रंप इजराइल के करीबी माने जाते हैं बल्कि कुशनर की भी इजराइल में अच्छी रूचि है. पिछले दिनों कुशनर ने इजराइल की यात्रा भी की थी और इसरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी मुलाकात की थी. इस दौरान अमेरिका के कुछ महत्त्वपूर्ण अधिकारी भी उनके साथ थे.

कुशनर के सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से काफी अच्छे रिश्ते हैं. कुशनर अपनी पत्नी इवांका ट्रंप के साथ सऊदी अरब की यात्रा भी कर चुके हैं जिनमें उनकी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से महत्त्वपूर्ण मुलाकातें भी शामिल हैं. कथित रूप से ऐसे भी खबरें आई थीं जिसके अनुसार, सऊदी प्रिंस ने कहा था कि, कुशनर उनकी जेब में हैं. हालाँकि प्रिंस ने अपने ऐसे किसी बयान से किनारा कर लिया था.

अमेरिकी वेबसाइट फारेन पॉलिसी पर लिखे गये एक ब्लॉग के अनुसार, जैरेड कुशनर, मोहम्मद बिन सलमान और बेंजामिन नेतन्याहू की इस तिकड़ी के इकट्ठा होने का अर्थ ईरान के खिलाफ बनाये जा रहे नेक्सस से है जिसका लक्ष्य ईरान को कुचलना है. ऐसी खबरें भी आयी थीं जिनके अनुसार सऊदी प्रिंस ने गुप्त रूप से इजराइल की यात्रा की थी.

Saudi Israel USA Nexus against Iran
Kushner With Netanyahu | Haaretz

संभवतः ईरान ही वह कारण है जिसके कारण इजराइल और सऊदी अरब में लगातार नजदीकियां बढ़ रही हैं. अमेरिका और इजराइल के हित लगभग हमेशा से ही एक रहे हैं. मध्य पूर्व में ईरान दोनों का ही जानी दुश्मन माना जाता है. यही कारण है कि, ईरान से अगर अमेरिका के रिश्तों की बात हो तो वह तनावपूर्ण ही रहे हैं. अमेरिका ने पहले से ही ईरान के खिलाफ अघोषित युद्ध का बिगुल फूंका हुआ है.

इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में सीरिया का साथ देना हो या फिर यमन में हूती विद्रोहियों का साथ देना, ईरान के ऐसे कदमों ने सऊदी सहित अमेरिका और इजराइल के भी माथे पर बल ला दिया है. सीरिया को कुचलना और बशर अल असद को सत्ता से हटाने का सऊदी और अमेरिका का जो सपना था उसके रास्ते में ईरान एक बड़ा रोड़ा बना.

इन्हीं असफलताओं का परिणाम है अमेरिका और सऊदी अब नया गठबंधन तैयार करने में लगे हुए हैं जिससे वो ईरान को काउंटर कर सकें. सऊदी का इजराइल के करीब आना इसी रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है. हाल ही में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इजराइल के पक्ष में बयान भी दिया है जिससे कहा जा सकता है इजराइल, अमेरिका और सऊदी एक नया नेक्सस तैयार करने में जुटे हैं जिसका भविष्य क्या होगा इसके बारे में कहना अभी जल्दबाजी होगी.

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