बच्चे किसी भी समाज का सबसे महत्त्वपूर्ण अंग होते हैं जो आगे चलकर किसी भी राष्ट्र की सबसे अमूल्य संपत्ति बनाते हैं. ऐसे में अगर बच्चों का बचपन खराब हो जाय तो आप कल्पना कर सकते हैं कि, किसी राष्ट्र की क्या हालत हो सकती है. आज हम आपको उन बच्चों से मिला रहे हैं जिन्हें अगर दुनिया के सबसे बदनसीब बच्चे कहा जाय तो गलत नहीं होगा.

यमन

ये हैं दुनिया के सबसे बदनसीब बच्चे
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वर्तमान समय में यमन भुखमरी के दौर से गुजर रहा है. यमन के हालात बेहद ही भयावह है. यमन में भुखमरी का आलम यह है कि, यमन के लोग घास और पेड़ों के पत्तियां खाने को मजबूर हैं. यमन की भुखमरी ने सबसे बुरा हाल बच्चों का किया है जो पोषक तत्व ना मिलने के चलते इतने कमजोर हो गये हैं जिनमें अब सिर्फ हड्डियों का ढांचा भर बचा है.

यमन के बच्चों की आज वही हालत है जो ब्रिटिशकाल में अकाल के दौरान भारतीय बच्चों की थी. यमन से आयी ये तस्वीरें किसी भी व्यक्ति को हिला देने के लिए काफी हैं. जहां छोटी-मोटी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए भी लोगों को तरसना पड़ रहा है. सबसे ज्यादा बुरा हाल बच्चों का है.

सीरिया

ये हैं दुनिया के सबसे बदनसीब बच्चे
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पिछले कुछ वर्षों से युद्धग्रस्त सीरियाई बच्चों के हालातों पर अयलान कुर्दी के शव की तस्वीरें वायरल होने पर चर्चा हुयी थी लेकिन जमीनी तौर पर वहां कोई काम नहीं हुआ है. सीरिया को लेकर दुनिया के बड़े-बड़े देशों ने चाहे जितनी बयानबाजी की हो लेकिन सच यही है कि, कुछ ताकतवर देशों की लड़ाई ने सीरिया में मासूम बच्चों को बेसहारा कर दिया है.

सीरिया के खंडहरों से आई दिल तोड़ने वाली ये तस्वीर एक बेघर हो चुकी बच्ची की है. जिनके घर आज खंडहर में बदल चुके हैं. यही हालत सीरिया में लाखों बच्चों की है. ये तस्वीरें ना ही मात्र हमें आईना दिखाती हैं बल्कि सबक भी देती हैं, युद्ध सिर्फ देशों के नेताओं के बीच नहीं होता, उनमें कई जिंदगियां तबाह होती है.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सीरिया में अनाथ बच्चों की संख्या लाखों में है जिनमें से कुछ अभी बेहद ही छोटे हैं. इनमें ऐसे बहुत सारे ऐसे बच्चे हैं जिनकी उम्र 5 वर्ष से भी कम है. आप कल्पना कर सकते हैं इतनी कम उम्र के अनाथ बच्चों की जिन्दगी कैसी होगी.

अफगानिस्तान

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अफगानिस्तान में दशकों से चल रहे युद्ध ने अफगानी बच्चों की बुरी हालत कर दी है. जिस उम्र में उन्हें शिक्षा और खेल कूद की जरूरत है उस उम्र में वह संघर्ष झेल रहे हैं. अफगानिस्तान में कभी ईंट भट्ठों पर तो कभी कोयला खदान में काम करते हुए छोटे बच्चों की तस्वीरें जब सामने आती हैं तो वह दुनिया का असली चेहरा सामने रख रही होती हैं.

उपरोक्त चित्र युद्धग्रस्त अफगानिस्तान का है जहां एक महिला बच्चों के साथ कुछ पाने की आस लगाये प्रतीक्षा में बैठी है. गरीबी और भूख से तबाह अफगानिस्तान में भीख ही महिलाओं और बच्चों का सहारा है. ये गरीबी, बेबसी और लाचारी की तस्वीरें हैं. जिस पर अभी दुनिया का ध्यान जाना बाकी है.

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