पिछले कुछ वर्षों में विज्ञान ने बड़ी तेजी से प्रगति की है. अब ना ही मात्र विज्ञान मौसमों में परिवर्तन करने और प्रकृति के चक्र को पलटने में सक्षम हो गया है बल्कि अब उसका दखल पृथ्वी की कक्षा के बाहर भी स्थापित हो गया है. जहाँ पहले इंसानों का यह दखल अंतिरक्ष यान और सैटेलाइट भेजने तक ही था वहीं अब इंसान हजारों किलोमीटर दूर भेजे गये इन सैटेलाइट्स को खत्म करने में भी सक्षम हो गया है.

किसी भी देश के सैटेलाइट को खत्म या बेअसर कर सकते हैं ये देश
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आसमान में सैटेलाइट भेजने एवं एंटी सैटेलाइट्स हथियार तैयार करने दोनों ही प्रोग्राम की शुरुआत द्वितीय विश्वयुद्ध के खत्म होने के कुछ वर्षों बाद (लगभग 1950 से) से ही शुरू हो गयी थी. ऐसे हथियारों को विज्ञान की भाषा में ASAT (Anti Satellite Weapons) कहा जाता है जिनके जरिये किसी भी देश के सैटेलाइट्स को आराम से खत्म किया जा सकता है.

अमेरिकी सेना के HAARP (हार्प) नामक प्रोग्राम जिसे कि मौसमों में बदलाव और ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार माना जाता रहा है कम ही लोग जानते होंगे कि वह वास्तव में एक एंटी सैटेलाइट वीपन का भी काम करता है. हार्प में जिन सैटेलाइट्स का प्रयोग किया जाता है उसी के जरिये किसी भी देश के सैटेलाइट्स को खत्म किया जा सकता है.

HAARP में जिस तकनीकि का प्रयोग किया जाता है उसे खुद का पेटेंट बताने वाले अमेरिकी वैज्ञानिक बर्नार्ड ईस्टलैंड ने बताया था कि, उन्होंने जो अविष्कार किया था उसके जरिये ना ही मात्र मौसमों में बदलाव लाया जा सकता है बल्कि सैटेलाइट्स को बेअसर किया जा सकता है.

किन किन देशों के पास हैं एंटी सैटेलाइट वीपन

शीतयुद्ध के बाद अमेरिका रूस के बीच हथियारों की जो होड़ मची वह मात्र धरती पर होने वाले युद्धों के लिए ही नहीं थी बल्कि वह धरती की कक्षा से बाहर अपना दबदबा बनाये रखने के लिए भी थी. अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने तो बकायदा स्टार वार्स (Star Wars) प्रोग्राम की घोषणा की थी जिसका साफ़ सा मतलब अंतरिक्ष में कब्जे के लिए लड़े जाने वाले युद्धों से था.

वर्तमान में जिन देशों के पास एंटी सैटेलाइट्स वीपन हैं उनमें अमेरिका, रूस और चीन हैं. जहाँ अमेरिका और रूस ने ऐसे हथियार कई दशक पहले ही तैयार कर लिए थे वहीं चीन ने कुछ वर्ष पहले ही ऐसे हथियार विकसित किये हैं, चीन और अमेरिका अपने हथियारों के सहारे बेकार पड़ चुके सैटेलाइट को भी सफलतापूर्वक खत्म किया है.

रिपोर्ट्स की माने तो भारत और इजराइल भी एंटी सैटेलाइट वीपन तैयार करने के करीब हैं. इजराइली स्पेस एजेंसी के चेयरमैन यित्झाक बेन इसरायल माने तो इजराइल ऐसे हथियार तैयार करने के करीब है जिसका वह भविष्य में प्रयोग कर सकता है.

क्या भारत के पास भी हैं ऐसे हथियार

द डिप्लोमैट और द हिन्दू की रिपोर्ट्स की माने तो भारत भी ऐसे हथियार विकसित कर चुका है जिनसे सैटेलाइट्स को खत्म किया जा सकता है. DRDO के पूर्व निदेशक रहे वी के सारस्वत ने एक इंटरव्यू में इस ओर इशारा किया था कि, भारत एंटी सैटेलाइट वीपन तैयार करने के करीब है. इसलिए माना जाता है कि, भारत के पास भी ऐसे हथियार हैं.