ईराक युद्ध और सद्दाम हुसैन के पतन के भले ही कई वर्ष बीत चुके हैं. लेकिन उस युद्ध से जुड़े सवाल आज भी जस के तस बने हुए हैं. ईराक युद्ध के कई वर्षों बाद अंततः यह साबित हो चुका है कि, वह कोई युद्ध नहीं बल्कि सीधा-सीधा अमेरिका का प्रायोजित हमला था जिसका मकसद अमेरिकी हितों की पूर्ति थी ना कि कोई बचाव.

कई शोधों एवं मीडिया रिपोर्ट्स में भी यह साबित हो चूका है कि, ईराक या सद्दाम हुसैन के पास ऐसा कोई विध्वंसक या परमाण्विक हथियार नहीं था जिससे अमेरिका या किसी अन्य देश को कोई खतरा हो. अमेरिका ने ईराक में घुसने के लिए किस तरह से पूरी दुनिया में मीडिया और पीआर एजेंसियों के माध्यम से प्रोपेगंडा फैलाया था अब इसका भी रहस्य सामने आ चुका है.

ब्रिटिश दैनिक द इंडिपेंडेंट सहित कई मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का खुलासा हो चुका है कि, अमेरिका सरकार के रक्षा विभाग पेंटागन ने अपने इस खतरनाक दुष्प्रचार में 500 मिलियन डॉलर मात्र एक ब्रिटिश पीआर एजेंसी पर खर्च किये थे जिसे ईराक युद्ध को दुनियाभर की नजरों में सही ठहराने का ठेका दिया था. इस बारे में विस्तार से जानने के लिए देखें यह डॉक्यूमेंट्री :

(Video Source : Newsbud)