सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने आख़िरकार ये बात कबूल की है कि, दुनिया भर में वहाबिज्म फ़ैलाने का जिम्मेदार सऊदी अरब ही है. सऊदी प्रिंस ने हाल ही में वाशिंगटन पोस्ट के साथ इंटरव्यू में कई खुलासे किये हैं. ज्ञात हो कि, वहाबिज्म ही वह विचारधारा है जिसे आतंकवाद फ़ैलाने का जिम्मेदार माना जाता है.

पश्चिमी देशों के कहने पर सऊदी ने वहाबिज्म फैलाया और मस्जिद-मदरसे बनवाये : सऊदी प्रिंस सलमान
Arabian Business

सऊदी प्रिंस के अनुसार, सऊदी 1979 से पहले एक सामान्य देश हुआ करता था जहाँ लोग आम लोगों की तरह जीवन जीते थे और वह सबकुछ कर सकते थे जो अन्य देशों में होता है लेकिन शीतयुद्ध के दौर में सब बदल गया.

सऊदी अरब ने वहाबिज्म को उस समय बढ़ाना शुरू किया जब पश्चिमी देशों ने सऊदी से रूस के खिलाफ उनसे मदद माँगी. सऊदी ने पश्चिमी देशों के कहने पर इस्लामिक देशों में रूस का प्रभाव रोकने के लिए मस्जिद और मदरसों में निवेश करना शुरू किया.

प्रिंस ने इंटरव्यू में बताया कि, हम अन्य देशों की तरह ही 1979 से पहले एक विकासशील राष्ट्र थे, जहाँ महिलाओं को आजादी थी, वे कार चलाती थीं, सऊदी में फिल्म थियेटर हुआ करते थे लेकिन 1979 के बाद सऊदी को कट्टर इस्लाम की तरफ मोड़ दिया गया.

उन्होंने सऊदी की नई पीढ़ी को कट्टर इस्लाम का पीड़ित बताया जिसने इस बदलाव की भारी कीमत अदा की. इसके साथ ही प्रिंस ने यह दावा भी किया, यह वास्तविक सऊदी अरब नहीं है, लोग गूगल पर साठ या सत्तर के दशक के सऊदी की तस्वीरें देख सकते हैं जब सऊदी भी अन्य देशों की तरह एक सामान्य देश हुआ करता था.

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिना सलमान ने सऊदी अरब में कई ऐतिहासिक सुधार किये हैं. उन्होंने महिलाओं को ड्राइविंग करने की छूट देने एवं नौकरी-व्यापर में भाग लेने जैसे कई कदम उठाये हैं.

माना जा रहा है प्रिंस सलमान सऊदी में उदारवादी इस्लाम को पुनः वापस लाने में लगे हुए हैं. सत्ता में अपनी पैठ बनाने के बाद से उन्होंने सऊदी में कई सुधारवादी काम किये हैं जो वास्तव में काबिलेतारीफ है.

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